Shayari guru

1 Part

254 times read

5 Liked

अब इस चांद पे कोई नजर ना लगाए।   क्योंकि इस चांद पे अब मेरा पेहरा है।   चाहें की समझे फिर भी ना टूटते गा।   यह रिश्ता ही इतना गहरा है।   क्या ...

×